Blockchain Technology क्या है और यह कैसे काम करता है ? | Blockchain Technology in Hindi

आप सभी Cryptocurrencies से तो यकीनन परिचित होंगे ही। Bitcoin और Tether जैसी तमाम Cryptocurrencies इन दिनों Digital Market में धूम मचा रही हैं और दुनिया के अलग अलग स्थानों के निवेशकों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित करने की होड़ में लगी हुई हैं। Crypto Trading आज के समय में निवेशकों के निवेश करने के लिए पसंदीदा विकल्प बन चुका है, वर्तमान में Cryptocurrencies खूब नाम कमा रही हैं और अपने निवेशकों के लिए अविश्वसनीय मुनाफा भी बना रही है। लेकिन क्या आप जानते हैं की अपनी कीमतों और मुनाफे से सबको अपना दीवाना बनाने वाली यह Cryptocurrencies किस technology अथवा तकनीक पर काम करती है? अगर आपका जवाब नहीं है तो मेरा यकीन मानिए आपको यह आर्टिकल जरुर पसदं आएगा क्योंकि Crypto Market और Cryptocurrencies का Blockchain Technology से सीधा संबंध है इसलिए यदि आप एक Crypto Trading निवेशक हैं तो आपको अवश्य ही Blockchain के विषय में जानकारी हासिल करनी चाहये कि यह कैसे काम करता है ।

Blockchain Technology in Hindi

हम अगर आसान और कम शब्दों में इस मुद्दे पर एक नजर मारें तो Blockchain ने हमारी IT industry को ठीक उसी प्रकार से बदलने का काम किया है जैसा कि open source software के द्वारा एक दशक पहले देखा गया था और Linux के जैसे ही Blockchain भी आने वाले समय में Information Sharing का एक बहुत ही बेहतरीन और असरदार माध्यम साबित हो सकता है। और तो और यह प्रक्रिया बेहद low cost होगा और इसे open और private networks के बीच बहुत ही आसानी से implement किया जा सकता है। शुरुआती दिनों में Blockchain Technology को लेकर लोगों के बीच काफी Excitement देखने को मिला था, क्योंकि नए दौर की तकनीक से less है और हमारे भविष्य के technology को पूरी तरह से बदलकर एक नया रूप दे सकता है। काफी हद तक यह बात सही कही जा सकती है लेकिन इस प्रकार मात्र बोलने बात समझ में नहीं आएगी बल्कि हमें Blockchain Technology को पूरी तरह से समझना होगा, इसके अलग अलग पहलुओं को विस्तार से पड़ना, जानना और देखना पड़ेगा तब उस स्थिति में हम Blockchain के बारे में समझ पाएंगे।

आज इस आर्टिकल के माध्यम से हम Blockchain से जुड़े तमाम सवालों के जवाब आपको देंगे और कोशिश करेंगे कि हम इस तकनीक से जुड़ी समस्त महत्वपूर्ण जानकारी को सत्यापित करते हुए आप तक पहुचाएं।

इस आर्टिकल में हम जानेंगे कि Blockchain क्या है?, इसे कब और किसके द्वारा बनाया गया?, Blockchain किस Technology पर कार्य करता है? और इसके फायदे – नुकसान के साथ साथ बहुत कुछ ऐसा है जो आप इस लेख के माध्यम से जान पाएंगे और Blockchain के प्रति प्रत्येक प्रश्न का उत्तर सुनिश्चित कर सकेंगे।

Blockchain Technology क्या है?

Blockchain को जानने से पहले आपको Ledger को जानना होगा, दरअसल Ledger एक ऐसा book अथवा software होता है जो कि Transactions का debits और credits का account रखता है और original book से entry इस ledger में update होते रहते हैं। तो Blockchain भी Ledger का ही के प्रकार होता है और Transactions का Record रखने के काम में लाया जाता है। आसान शब्दों में बात करें तो blockchain एक Digital बरी खाता है जो कि Transactions जैसे कि किसी Account के credit और debits का हिसाब किताब रखने के लिए जाना जाता है। जब भी Digital Market में कोई लेन देन होता है तो उसका पूरा लेखा जोखा अर्थात लेन देन की सम्पूर्ण जानकारी एक Block के रूप में खुद ब खुद Save हो जाती है जिसे बाद मे कभी भी देखा जा सकता है। किसी भी block में data store करने के लिए Cryptography तकनीक का प्रयोग किया जाता है जो कि Data को Encode करने में मदद करती है।

असल में यह एक प्रकार की High Security है, जिसके द्वारा Data को सुरक्षित रखा जाता है और जैसे जैसे यह blocks निरंतर चलते रहते Transactions के साथ एक दूसरे से जुड़ने लगते हैं वैसे वैसे ही एक Blockchain का निर्माण होने लगता है। यह एक Decentralized Ledger होती है जिसके ऊपर किसी भी सरकार अथवा संस्थान का नियंत्रण नहीं होता है, जिस कारण से इसे इसकी पारदर्शिता के लिए भी जाना जाता है क्योंकि बहीखाते की एक Copy Blockchain Network से जुड़े सभी Nodes (computers जो कि network के संबंध में हैं) तक पहुँच जाती है। हम आपको बता देना चाहते हैं कि एक बार किसी लेन देन का record Ledger में Entry होने के बाद उसमें परोवर्तन अथवा छेड़ छाड़ करने बेहद मुश्किल साबित होता है।

Blockchain को कब और किसके द्वारा बनाया गया?

Blockchain Technology को Satoshi Nakamoto नाम के एक Software Engineer के द्वारा सन 2008 में बनाया गया था। Santoshi बताते हैं कि वे इसे crypto currency bitcoin में होने वाले लेन देन का हिसाब कर सकें। ये सब करने के पीछे Satoshi Nakamoto का मुख्य उद्देश्य था कि वे एक decentralized Bitcoin ledger बनाना चाहते थे जो की लोगों को उनके पैसों को control और उसके लेन देन का हिसाब रखने की क्षमता देता है जिससे की कोई भी third party, या कोई भी सरकार,  इन पैसों को access या monitor नहीं कर सकती और यही बात है जो कि Blockchain को औऱ भी ज्यादा खास बनाती है। सूत्रों के अनुसार Bitcoin के Founder Satoshi, अचानक ही बिना किसी खबर के 2011 में गायब हो गए हैं और अपने पीछे इस open source software जैसी बेशकीमती तकनीक को छोड़ चले हैं जिसे Bitcoin users इस्तमाल कर रहे हैं और उसे update और improve भी कर रहे हैं।

अधिकतर लोगों का मानना यह भी है कि Satoshi Nakamoto नाम का कोई व्यक्ति था ही नहीं, ये बस एक काल्पनिक कहानी है जो कि किसी भी काल्पनिक किरदार के ऊपर गड़ी गयी है। वैसे आज तक इस कहानी की सच्चाई पता नहीं चल सकी है कि आखिर कभी कोई Santoshi नाम का व्यक्ति था भी या नहीं। Bitcoin के लिए blockchain एक ऐसा पहला digital currency साबित हुआ था जो की double spending problem को बिना किसी trusted central authority अथवा central server की मदद के हल कर सकने में सक्षम था इसलिए Blockchain Technology कई सारे अन्य application का भी प्रेरणा रहा है।

Blockchain किस तकनीक से काम करता है?

Blockchain के काम करने के तरीके को बेहतर ढंग से समझने के लिए एक उदाहरण के रूप में मान लीजिये कि आपके पास एक file of transactions node होती है जो कि आपके system में Save होती हैं। दो सरकारी खातों के पास भी वही समान file उनके system में भी save होती हैं इस कारण से इन Files को distributed files कहा जाता हैं। जैसे ही आप एक transaction करते हैं, आपका computer उन दोनों accountant को email करता हैं और उन्हें लेन देन की सम्पूर्ण जानकारी की information दे देता है

Block-Chain-Technology-Working

किसी भी Transaction के सफल होने पर सबसे पहले कोई भी Accountant check करता है कि आप उसे afford करने योग्य हैं भी या नहीं, फिर वह अपने salary के रूप में Bitcoin status check करता है ताकि वह उसमें अपना मुनाफा बना सकने में कामयाब हो सके फिर जो भी accountant पहले check कर लेता है और अंत में उस transaction को validate करने के बाद “Reply All” Button को Press करता है, वही submit करने के साथ – साथ accountant उस transaction के साथ अपना logic भी attach कर देता है और उस transaction को verify करने की इस प्रक्रिया को ही एक वाक्य में “Proof of Work” के नाम से जाना जाता है।

पहले accountant के सत्यापित करने के बाद अगर वो दूसरा accountant भी agree हो जाता है, तब सभी files of transactions को updates किया जा सकता हैं और आसान शब्दों में इसी पूरी प्रक्रिया को या concept को ही “Blockchain” technology के नाम से जाना जाता है इसलिए blockchain एक ऐसा incorruptible digital ledger of transactions कहा जाता है जिसे Online होने वाली सभी क्रिया कलापों को record करने के लिए programme किया जाता है और सभी list of record जो की blockchain में होते हैं उन्हें ही “block” कहा जाता है इसलिए ये blockchain हमेशा continuously grow होती रहती हैं।

ब्लॉकचेन के प्रकार (Types of Blockchain in Hindi) :

इस बात में कोई संदेह नहीं कि आने वाले समय में यह Blockchain Technology तमाम असाधारण सकारात्मक परिवर्तनों का कारण बनेगी जिसके माध्यम से समय की बचत और कार्यों में पूर्ण पारदर्शिता तो तय है ही साथ ही साथ पैसों की भी बचत की जा सकेगी। मुख्य रूप से Blockchain Technology दो प्रकार की होती है –

1. Public Blockchain

2. Private Blockchain

Public Blockchain

जब भी हम public शब्द का इस्तेमाल कहीं भी देखते हैं तो साफ हो जाता है कि वह चीज अथवा सेवा सभी के लिए है ठीक उसी प्रकार Public Blockchain एक Open Network होता है जिसमें कोई भी जुड़ सकता है और इसका हिस्सा बन सकता है और अन्य Nodes (network से जुड़े computers) की तरह ही होने वाली सभी गतिविधियों को देख अथवा पढ़ सकता है साथ ही किसी भी transaction का हिस्सा भी बन सकता है।

आसान शब्दों में कहा जाए तो Public Blockchain पर किसी का भी नियंत्रण अथवा controll नहीं होता है और एक बार Data Validate करने के बाद उसमें Changes करने के लिए कई मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। Bitcoin(BTC) और Etherium(ETH) को भी Public Blockchain के एक उदाहरण के रूप में देखा जा सकता है और यह एक सुरक्षित Blockchain होता है।

Private Blockchain

अब बात करते हैं Private Blockchain की, अगर बहुत ही कम शब्दों में कहा जाए तो Private Blockchain एक Centralized Network होता है जिसे किसी Particular Group या Authority के द्वारा बनाया जाता है और संचालित किया जाता है। इसमें जुड़े Nodes को Next Level Security के चलते कुछ अलग permissions और Restrictions दी जाती हैं।

Private Blockchain के नाम में ही निजी क्षेत्र का व्याख्यान साफ दिखाई देता है जिसके चलते इसमें जुड़ने के लिए नए Node को पहले से इसका हिस्सा हुए किसी Node से अनुमति अथबा Permission की जरूरत होती है। Ripple और Hyperledger जैसे कुछ नाम इसके उदाहरणों में शामिल हैं। इस Blockchain को Public Blockchain के मुकाबले कम सुरक्षित माना जाता है।

ब्लॉकचेन के फायदे (Advantages of Blockchain Technology) :

इसका मुख्य फायदा है कि यह blockchain हमारे और आपके smart devices को एक दुसरे के साथ communicate करने में सहायता प्रदान करता है जिससे की हम बेहतर ढंग से बातचीत कर सकने में कामयाब रहते हैं।

Blockchain एक बहुत गंभीर समस्या manipulation का भी समाधान करता है और सभी चीज़ों को उनके highest degree of accountability के स्थर में पहुंचा देता है। यह Online identity और Reputation को Decentralized बनाता है जिससे कि हमारे data पर किसी भी सरकार अथवा संस्थान का अधिकार नही रहता है और अपने data को हम खुद ही own कर सकते।

किसी informal economy में blockchain हमें middleman से बचाता है जिससे कि बिल्कुल मुफ्त तरीके से asset का exchange होना मुमकिन हो जाता है। Blockchain technology के मदद से freedom, jurisdiction, censorship, और regulation जैसे तमाम मुद्दों को सही और सुचारू ढंग से address किया जा सकता है।

Blockchain-based systems से अब और intermediaries रखने की जरुरत नहीं है बल्कि आसानी से record और transfer of assets का ध्यान रखा जा सकता है। जिससे कि transaction speed में एक बेमिसाल तेजी देखने को मिलती है।

एक बार Data Enter किये जाने के बाद वह blockchain में immutable हो जाते हैं, जिन्हें फिर किसी भी ढंग से बदला नहीं जा सकता है जिससे की Accounts में किसी भी प्रकार का Fraud अथवा धोका होने की संभावनाएं बहुत हद तक कम हो जाती है।

पारदर्शिता Blockchain का एक मुख्य फायदा कहा जा सकता है क्योंकि इसके Transactions बहुत ही clear होते हैं जिन्हें बाद में आसानी से investigate और audit किया जा सकता है और सब कुछ संतोषजनक होने का शुनिश्चित किया जाता है।

ब्लॉकचेन के नुकसान (Disadvantages) :

आर्टिकल में अब तक आप Blockchain Technology के बहुत सारे फायदे देख चुके हैं, लेकिन जिस चीज के फायदे होते हैं यकीनन उसके कुछ नुकसान भी होते ही हैं। अब बात करेंगे Blockchain Technology के इस्तेमाल के नुकसानों अथवा disadvantages की –

बात करें इसके इस्तेमाल से होने वाली पहली समस्या की तो वो यह है कि इन blockchain के operation में बहुत ज्यादा computing power की जरूरत होती है जिससे electricity की खपत भारी मात्रा में की जाती है। यदि हम आज के climate change की परिस्तिथि को देखें तब किसी भी developing country के पक्ष में Blockchain Technology का इस्तेमाल इतना आसान नहीं है क्यूंकि उनकी खुद की भी बहुत जरूरतें होती है इसलिए ये केवल developed nations के लिए ही सही साबित हो सका है।

किसी भी Transaction अथवा लेन देन में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका होती है Privacy की अर्थात निजीकरण किंतु Blockchain Technology कभी भी private key को secret नहीं रखता है जिसके चलते Transaction के विषय में third parties को पता चल जाता है तब ऐसा भी हो सकता है कि आपके अपने हिस्से के सारे bitcoin का control किसी और क हाथों में भी जा सकता है। इसके अलावा भी private key को किसी भी प्रकार के accidental loss से backed up और protect करना चाहिए जो कि इस technology द्वारा नही किया जाता है जिसके चलते अगर ये एक बार खो गया तब इन funds को कोई भी और recover नहीं कर सकता है और ये हमेशा के लिए आपकी पकड़ से दूर हो सकते हैं।

इसकी रफ्तार एक नजरिए से देखें तो फायदेमंद भी साबित होती है लेकिन Transaction speed भी एक मुख्य समस्या बन सकती है क्यूंकि हम जानते हैं chain में Blocks को Verify करना Security के लिए बेहद जरुरी हो जाता है और इस प्रक्रिया के सफल होने में काफी समय लग जाता है।

Blockchain का भविष्य :

अब तक के इस सफर में आप Blockchain की महत्वपूर्णता समझ ही चुके होंगे। information को लेकर जो हमारे मन में जो सोचबानी हुई है इस technology ने उसे पूरी तरह से बदल का रख दिया है। कैसे कैसे और कहाँ पर information को store किया जा सकता है यह बात इसके आने के बाद ही हम जा सके हैं। इस information को कोन access कर सकता है और हम इस information का क्या कर सकते हैं जैसी तमाम जानकारियां हासिल करना Blockchain Technology के कारण ही संभव हो सका है।

कुछ organizations इस Technology के विरोधी भी है जिसका मुख्य कारण है कि blockchain information को organize और हमारे records-keeping infrastructure की बढ़ती तरक्की। इसके maintain system ने सबकी राय बदल दी है और अभी भी काम जारी है। इससे ये बात तो साफ़ हो चुकी है की Blocakchain Technology को लोग इतनी आसानी से नहीं अपनाने वाले और ये रातों रात तो बिल्कुल भी नहीं आने वाला है क्यूंकि ये हर कदम पर traditional technology को चुनौती देता है और अपने हजारों विरोधी बना लेता है।

ऐसे ही समान case हमने TCP/IP में देखा था, जिसे शुरुवात में काफी गंभीर विरोध और समस्याओं का सामना करना पड़ गया था और बाद में इसे implement करते करते करीब 30 सालों का एक लंबा समय लग गया, लेकिन आख़िरकार अंत में सभी ने Technology की अनंत दुनिया में इसकी अहमियत को समझा था और इसे अपनाया था इन दिनों Blockchain Technology के साथ भी कुछ ऐसा ही लग रहा है, उम्मीद है कि इस बेहतरीन तकनीक को भी बहुत जल्द दुनिया अपना लेगी।

इस तकनीक की मदद से यकीनन आने वाले समय में Technology के इन निम्नलिखित क्षेत्रों में तमाम क्रांतिकारी बदलाव देखने को मिलना तय है –

  • Banking and Insurance Sector
  • Cyber Security
  • Health
  • E – Governance
  • IT and Data Management
  • Education
  • Data Storage and Data Transfer
  • Government Schemes
  • Intelligence Bureau

सुरक्षा और पारदर्शिता (Security and Transparency) :

Security – जब हम सुरक्षा के क्षेत्र में एक नजर देखते हैं तो इस बात में कोई दोराय नहीं है कि Blockchain एक बेहद सुरक्षित तकनीकों में से एक है जिसके चलते Blockchain मे रखे हुए Data को Hack करना या फिर चोरी करना बेहद मुश्किल ही नहीं नामुमकिन से मालूम होता है। इसकी सुविधाओं और सुरक्षा के सामने अच्छे अच्छे Hackers ने घुटने टेक दिए हैं क्योंकि उनसे भी इसका तोड़ नहीं निकल सका है।

Blockchain के माध्यम से होने वाले सभी लेन देन Cryptography Technique से Encrypt होता है साथ ही साथ सभी Blocks के बीच linking करने के लिए Hashing तकनीक का प्रयोग किया जाता है।

Transparency – Blockchain में एक बार Transaction Verify होने के बाद Data जब Blocks में Record हो जाता है, खास बात यह है कि एक बार Files Save होने के बाद उसमें कोई छेड़छाड़ अथवा Delete नहीं किया जा सकता है जिसके चलते Data की इस प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहती है, और इसी के साथ सभी nodes समय समय पर Up To Date रहता है।

Blockchain Technology का भविष्य में उपयोग :

कोई भी industry अथवा क्षेत्र हो अगर वो insurance, financial institutions, real estate, construction, entertainment, और law, जैसे Havily Contracts पर Depend करता है तो उन सभी industries को इस तकनीक से लाभ प्राप्त होंगे क्यूंकि इस technology के मदद से बिना किसी dispute के आपके सारे contracts को update, manage, track और पूरी तरह से secure किया जा सकता है। जो कि इसे और भी ज्यादा सुरक्षित और उपयोगी बनाता है।

जब भी कोई value बदलते हैं या कोई asset का status बदलता है तब इस सारे process को सुचारू रूप से manage करने के लिए Blockchain एक बहुत ही बेहतर विकल्प साबित होता है.

चाहे आप एक संगीतकार हो जो की अपने द्वारा गाये गए Songs की royalties को ठीक तरह से पाना चाहता है या आप कोई property owner हो और अपने asset की protection करना चाहते हैं तब आपकी एक Real Time Ownership बनाकर blockchain technology आपके लिए काफी मददगार साबित हो सकती है।

विभिन्न सरकारें अक्सर बहुत सारे Transactions के Data को manage करती हैं जैसे की personal data birth से death records तक, marriage certificates, passports और census data जैसी तमाम निजी जानकारियां। Blockchain technology इन सारे data को streamlined solution के हिसाब से आसानी से manage कर सकता है और उन्हें securely store कर सकता है बिना किसी के हस्तक्षेप के।

Blockchain की ये खासियत है की वो किसी भी बड़ी company की बेहद बड़ी Transaction की payment processing को बेहद आसानी से संभाल सकता है और intermediaries की जरुरत को पूरी तरह से ख़त्म करता है जिसे कि हम payment processing में अक्सर देखा जा सकता है।

Traditional Crowdfunding के मुक़ाबके में अगर बात करें तो blockchain powered crowdfunding campaign में एक नए Project के लिए किसी नए Communuty के द्वारा ज्यादा सुरक्षित निवेश किया जा सकता है लेकिन ऐसे instance में, funding मुख्य रूप से bitcoin या दुसरे cryptocurrencies के रूप में कई जाती है जिससे कि Digital Market को Pump मिलता है।

आज इस लेख के माध्यम से हमने Crypto Trading को एक सफल मोड़ पर पहुचने वाली तकनीक अर्थात Blockchain के बारे में सम्पूर्ण जानकारी आपको प्रदान की है। आज हमने जाना कि Blockchain क्या है?, इसे किसने और कब बनाया?, Blockchain के इस्तेमाल से होने वाले फायदे और नुकसान?, और इसका भविष्य में क्या उपयोग है? जैसे तमाम सवालों के जवाब इस लेख के माध्यम से आपको दिए हैं और सारी जानकारी का बिल्कुल सही होना भी सुनिश्चित किया है।

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